क्यों हुआ हनुमान जी का विवाह :
बताया गया है हनुमानजी सूर्य के शिष्य थे और उनसे शिक्षा प्राप्त करते थे | सूर्य को उन्हें नो विद्या का ज्ञान देना था | ब्रह्मचारी रूप में हनुमानजी ने पाँच विद्या आसानी से सिख ली थी और बची हुई विद्या एक विवाहित ही सिख सकता था अतः सूर्य ने उनसे विवाह करने को कहा |सूर्य देव ने अपनी परम तपस्वी पुत्री सुवर्चला को हनुमान जी के साथ शादी के लिए तैयार कर लिया। इसके बाद हनुमान जी ने अपनी शिक्षा पूर्ण की और सुवर्चला सदा के लिए अपनी तपस्या में रत हो गई। इस तरह हनुमान जी भले ही शादी के बंधन में बांध गए हो लेकिन शाररिक रूप से वे आज भी एक ब्रह्मचारी ही हैं |

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